35० झोपडिय़ां जलने के बाद शुरू हुई जिंदगी की जद्दोजहद, खुले आसमान के नीचे गुजारी रात .

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लखनऊ न्यूज 30 ब्यूरो– बाजारखाला के ऐशबाग हबीबनगर में पटाखा से लगी आग में 350 से अधिक झुग्गी झोपडिय़ां जलकर खाक हो गई थी। अब झोपडी में रहने वालों के लिए जिंदगी की जद्दोजहद शुरू हो गई है। खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर परिवारों ने दोबारा अपने आशियाने बनाने शुरू कर दिये है। हालांकि उनकी मदद के लिए प्रशासन, कुछ स्वंय सेवी संस्थाएं और कुछ सम्मानित लोगों ने भी हाथ आगे बढ़ाये है। आग में करीब डेढ़ दर्जन मासूम और छह महिलाएं झुलसकर घायल भी हो गर्ई थी। बाजारखाला के ऐशबाग में हबीबनगर स्थित राजा पहलवान की बगिया है। इस बगिया के पास ही कूड़ा बीनने वालों व कबाड़ा का काम करने वाले आसामी लोगों की बस्ती है। बताया जाता है कि गुरुवार की रात करीब 7 बजे पटाखे से एक झोपड़ी में आग लग गयी। देखते ही देखते आग ने विकराल रुप धारण कर लिया और एक के बाद एक सारी झोपडिय़ों को अपनी आगोश में ले लिया था। आग में सारी झोपडिय़ां जलकर खाक हो गर्ई। करीब साढ़े तीन सौ परिवार बेघर हो गये। हालांकि देर से पहुंची से पहुंची करीब दो दर्जन से अधिक दमकल गाडिय़ों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में रहीम की पत्नी मानिक जान अपने मासूम बच्चे नसीम अली, आजमा और शरीफ को बचाने के लिए फेर में खुद झुलस गर्ई। वह चारों तरफ आग में घिर गई, किसी तरह से वह अपने बच्चों के साथ आग से बाहर निकल पार्ई। इसके अलावा आग में मेहरजहां पत्नी नूरजुल इस्लाम, जैतन पत्नी नवन देभानी, जमीला खातून पत्नी मोहम्मद जावेद समेत आधा दर्जन महिला झुलसी। इस आग में करीब डेढ़ दर्जन बच्चें भी झुलसकर घायल हो गये। आरोप है कि झुलसे लोगों ने अपना इलाज खुद कराया। प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

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