फिट रहना चाहते हैं तो अपनाएं ये हिट फिटनेस फार्मूले

| लाइफस्टाइल
lc-workoutclass-001
​स्वस्थ जीवन खुशहाल मन मानव जीवन की नियामत है और इसे प्राप्त करने के कुछ आसान चरण भी हैं। स्वास्थ्य से तात्पर्य सिर्फ रोगमुक्त होना नहीं है बल्कि पूर्णत: फिट होना भी है और इसकी प्राप्ति के मात्र तीन चरण हैं- संतुलित आहार, व्यायाम व तीन आर-रेस्ट (आराम), रिलैक्सेशन (तनावमुक्ति) तथा रिक्रिएशन (मनोरंजन)। तो चलिए जानते हैं कुछ हिट फिटनेस फंड़ों के बारे में।

संतुलित आहार

आपके भोजन से आपको सात पोषक तत्व जरूर प्राप्त होने चाहिए। ये तत्व हैं प्रोटीन, कार्बोज, वसा, स्फोक (रफेज), जल, खनिज लवण तथा विटामिन। इन सात पोषक तत्वों की संतुलित उपस्थिति ही शरीर स्वस्थ बनाता है। शरीर को जिन खाद्य पदार्थो की जरूरत नहीं उन्हें जरूरत से ज्यादा खाना, यहां तक कि जिनकी कम आवश्यकता है उस खाद्य को अत्यधिक भरना भी शरीर को उसका अंत शरीर को नुकसान पहंुचाने  जैसा ही है। इसलिए इस बात की जानकारी बेहद जरूर है कि क्या करें और क्या न करें।

क्या करें 

  • सात्विक, संतुलित, शाकाहारी एवं संपूर्ण आहार का सेवन करें। फूड पिरामिड का अनुसरण सर्वश्रेष्ठ है।
  • अपना अधिकतम भोजन दोपहर में लें जब जोर से भूख लगती है।
  • भोजन ग्रहण करते समय सिर्फ भोजन में ही तल्लीन रहें। टीवी देखने, पढ़ने अथवा बातें करने में नहीं।
  • पेट संबंधी व्यायाम नियमित रूप से करें।
  • भोजन से पूर्व पांच मिनट डायाफ्रग्मेटिक ब्रीदिंग अवश्य करें।

fitness2

 क्या न करें 
  • अत्यधिक मिर्च-मसालेदार भोजन न करें।
  • खाने के समय ठंडे पेय से अपनी भूख को शांत न करें।
  • भूख को अत्यधिक एवं असमय भोजन से शांत न करें।
  • अपने पाचन तंत्र को देर रात के नाश्ते अथवा जंक फूड से प्रदूषित न करें।
  • खाने के तुरंत बाद न सोएं अथवा व्यायाम न करें। सिर्फ वज्रासन कर सकती हैं।
  • खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं।

यदि आपसे पूछा जाए कि ‘क्या आप फिट है?’ तो इसका उत्तर देने के बजाय प्रश्न ही करें ‘किस चीज के लिए फिट?’ जी हां फिटनेस के उद्देश्य अलग-अलग हैं। हो सकता है आप गप करने के लिए फिट हों परंतु मार्केट जाकर शॉपिंग करने के लिए  नहीं। या फिर  यह हो सकता है कि आप खेलने के लिए फिट हों परंतु शास्त्रीय गायन के लिए अनफिट।

zajecia-fitness-absolution-12_0

व्यायाम

जहां खिलाडि़यों की फिटनेस के लिए मस्क्यूलर पावर, एंडयोरेंस (सहनशीलता), स्पीड, बैलेंस, कोऑर्डिनेशन, एजिलिटी आदि की आवश्यकता होती है तो स्वस्थ्य शरीर के लिए आवश्यकता होती है सही मात्रा में शारीरिक वसा एवं मांसपेशियों को धारण करने की क्षमता की, अपनी दिनचर्या में निर्धारित समय तक कार्य करने के लिए थकान से जूझने की क्षमता की, जोड़ों (संधियों) द्वारा संपूर्ण क्रियाओं को करने तथा मांसपेशियों द्वारा दैनिक कार्यो को करने की क्षमता की।

tumblr_static_dxqhsatdbio8s8gk4sk4c8ckw

क्या करें 

  • फिटनेस एक्सपर्ट की राय से अपने शरीर की आवश्यकतानुसार सही फ्रीक्वेंसी, इंटेन्सिटी, टाइम तथा टाइप के आधार पर फिटनेस वर्कआउट तैयार करें।
  • अपनी दैनिक क्रियाओं के अतिरिक्त कुछ व्यायाम अवश्य करें।
  • वॉकिंग को अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करें। यदि सही तरीके से किया जाए तो वॉकिंग सबसे सरल तथा संपूर्ण व्यायाम है।
  • योगारोबिक्स के माध्यम से अपनी समस्त मांसपेशियों और संधियों को कम से कम दिन में एक बार किसी न किसी रूप में व्यायाम अवश्य दें।
  • जिस प्रकार अमाशय को भोजन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार शरीर को व्यायाम की जरूरत होती है। अपने शरीर की आवाज को सुनें ओर उसके अनुरूप कार्य करें।

क्या न करें  

  • किसी दूसरे को देखकर अपने ऊपर उसका प्रयोग न करें जिसको वह करता या करती हो। प्रत्येक शरीर की बनावट व आवश्यकता भिन्न-भिन्न होती है।
  • फिटनेस एक्सपर्ट तथा डॉक्टर की राय के बिना कोई जटिल व्यायाम न करें। असमय तथा अनावश्यक व्यायाम शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • फिटनेस के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। नियमितता एवं दृढ़ निश्चय ही सकारात्मक परिणाम प्राप्ति के साधन हैं। थ्री आर

1394221864-how-relax-tense-startup-moments

 आराम

यह शरीर को पुर्नऊर्जा प्रदान करने का एक तरीका है। जिसके माध्यम से मस्तिष्क तथा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्राकृतिक रूप से नियमित होती है।

  • सही समय पर नियमित नींद एकमात्र बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है। यह आपको अगले दिन की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
  • इसके अलावा निरंतर कार्य के बीच में ब्रेक लें।
  • सोने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के ट्रैंक्यूलाइजर न लें। अनियमित निद्रा जितनी हानिकारक है उससे कहीं ज्यादा ये दवाइयां आपके मस्तिष्क व शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • लगातार किसी एक ही स्थिति में कार्य न करें।

तनावमुक्ति

यह ऊर्जा प्राप्ति का मूलभूत तरीका है। यह न सिर्फ साइकोसोमेटिक अभ्यास है वरन तंत्रिकापेशीय तनावमुक्ति देता है जिससे कम समय में अधिकतम आंतरिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

क्या करें  

  • अपने तनाव को पहचानें कि वह सकारात्मक है या नकारात्मक एवं तनाव तंत्रिकापेशीय है या मानसिक।
  • यदि संभव हो तो अपने तनावों को किसी विश्वसनीय सहेली, रिश्तेदार से बांटें।
  • मुस्कुराएं व खुलकर हंसें।
  • योग एवं ध्यान का अभ्यास करें। शुरुआत करें साधारण श्वांस प्रवास प्रक्रिया से।
  • विशेषज्ञ की राय लें कि आपके लिए क्या उपयुक्त है। स्वयं को तनावमुक्त करने की कला सीखें इसमें कोई संकोच न करें।

क्या न करें  

  1. तनाव प्रतिक्रिया जैसे व्यवहारिक (काम से निजात पाने की इच्छा या कार्य में मन न लगना), शारीरिक (गला सूखना सिरदर्द, कब्ज या दस्त आदि) तथा अपनी प्रकृति के अनुरूप क्रोध या डिप्रेशन को अनदेखा न करें।
  2. आज का कार्य कल पर न टालें तथा स्वयं को दोषी न मानें।
  3. समय प्रबंध से न बचें।

मनोरंजन

रिक्रिएशन मस्तिष्क एवं शरीर को पुनर्निर्मित करता है। खाली समय का होना तथा उसका सदुपयोग अत्यंत आवश्यक है। मनोरंजन स्वास्थ्य, सौष्ठव, चरित्र निर्माण, गुनाह प्रवृत्ति को रोकना, सामाजिक उत्थान, सुरक्षा, शिक्षा एवं आर्थिक विकास में तो महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता ही है साथ ही व्यक्तिगत मूल्यों के विकास में भी सहायक है। मनोरंजन का उद्देश्य कार्य से नष्ट ऊर्जा को पुन:संतुलित अवस्था में लाना है।

क्या करें  

  • अपनी इच्छानुसार कुछ मनोरंजक गतिविधियां अपने परिवार के साथ नियोजित करें।
  • मुस्कुराएं और खुलकर हंसें।
  • कार्य और खाली समय के सदुपयोग में संतुलन बनाएं।
  • खेलना, टहलना, नृत्य करना या टीवी देखना संगीत सुनना दिनचर्या का हिस्सा हो सकते हैं।

क्या न करें

  • ऐसे मनोरंजन को न अपनाएं जो अत्यधिक उत्तेजक या डिप्रेशन प्रदान करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please enter the Text *







'); var MainContentW = 1070; var LeftBannerW = 120; var RightBannerW = 160; var LeftAdjust = 10; var RightAdjust = 10; var TopAdjust = 80; ShowAdDiv(); window.onresize=ShowAdDiv; }