लखनऊ-गोमती नदी की विडंबना है गंदगी की भरमार

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लखनऊ न्यूज 30 ब्यूरो– सूबे के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राजधानी लखनऊ की लाइफ लाईन कही जाने वाली गोमती नदी को स्वच्छ बनाने व सौंदर्यीकरण करने के लिए करोडो रूपये खर्च कर रहे है, लेकिन इस नवाबी शहर के लोग आस्था के नाम पर खिलवाड़ कर गोमती नदी को प्रदूषित करने में जूटे है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पिछले वर्ष की गणेश लक्ष्मी की प्रतिमाएँ व अन्य पूजन सामग्री को लोग सड़क किनारे व गोमती के तट पर छोड़ गए है। इससे लोगों की आस्था और शहर की स्वच्छता पर सवाल उठना लाजमी है। दीवाली के कुछ ही दिन पूर्व हुए गोमती उत्सव में गोमती को बचाने की अपील भोजपुरी गायक मनोज तिवारी व मालिनी अवस्थी ने अपने गीतों के जरिये की लेकिन दीवाली के अगले दिन ही गोमती के किनारे पड़ी पूजन सामग्री और कूड़े- करकट के ढेर ने लोगों की आस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। विदेशों के तर्ज पर अखिलेश सरकार गोमती के तट पर पर्यावरण और यातायात को ध्यान में रखते हुए साईकिल व वाहनों के ट्रैक का निर्माण कार्य करवा रही है पर जनता है कि अपनी आदत से बाज नही आती। वैसे तो सरकार ने गोमती नदी को गन्दगी मुक्त बनाने के लिए सड़क किनारे जाल लगा रखे है जिससे जनता नदी में कुछ भी प्रवाहित न कर सके लेकिन सरकार के सभी मंसूबों की धज्जियाँ  सड़क किनारे जाल के नीचे बिखरे कूड़े करकट के ढेर व पूजन सामग्रियाँ बखूबी उडा रही है।और अगर ये ही हाल रहा तो गोमती नदी भी इतिहास के पन्नों में ही जिंदा रह जाएगी।

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