एयरटेल के ग्राहक हैं तो पढ़ ले ये काम की खबर

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केन्द्र सरकार ने भारती एयरटेल को कुछ कड़ी शर्तों के साथ अपने मोबाइल कस्टमर्स का ई-केवाईसी सत्यापन करने की इजाजत दे दी है। एयरटेल को यह करने के लिए सिर्फ 10 जनवरी तक का समय दिया गया है । वो एयरटेल ग्राहक जिन्होंने अभी तक अपने मोबाईल को आधार के तहत रजिस्टर नहीं किया है वो 10 जनवरी तक इस काम को पूरा करा सकते हैं ।

हालांकि, सरकार ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक के बारे में एयरटेल ई-केवाईसी निलंबन के आदेश को कायम रखा है। देश की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी एयरटेल को यूआईडीएआई से यह छूट कुछ शर्तों के साथ दी गई है ।10 जनवरी तक एयरटेल को आधार ई-केवाईसी के जरिए अपने सिमकार्ड सत्यापन का काम करने की छूट का सीधा फायदा एयरटेल उपभोक्ता उठा सकते हैं । वहीं यूआईडी अथॉरिटी एयरटेल के मुद्दे पर अपनी अंतिम राय 10 जनवरी के बाद पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद बनाएगा ।




सूत्रों के मुताबिक यूआइडीएआइ ने एयरटेल को आधार के जरिये इन ग्राहकों की पहचान की इजाजत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की 138 करोड़ रुपये की राशि 55.63 लाख ग्राहकों के मूल बैंक खाते में वापस करने के बाद ही दी है। प्राधिकरण ने एयरटेल के समक्ष यह शर्त रखी थी कि पहले वह यह राशि वापस करे। इस आशय का दूसरा अंतरिम आदेश प्राधिकरण ने 31 मार्च तक मोबाइल कनेक्शन को आधार से लिंक करने के लक्ष्य को देखते हुए दिया है। ताकि उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के जरिये वेरिफिकेशन की सुविधा मिल सके।

एयरटेल पर यूआइडीएआइ ने जो शर्ते लगाई हैं उनके मुताबिक कंपनी को 24 घंटे में ग्राहकों को यह सूचित करना होगा कि डीबीटी की राशि उसके मूल खाते में वापस जमा कर दी गई है। एयरटेल ई-केवाईसी सुविधा का इस्तेमाल नए सिम कार्ड जारी करने और मौजूदा ग्राहकों के फिर से वेरिफिकेशन के लिए ही कर पाएगा।

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