गठबंधन पर छोटी पार्टियों की बड़ी कवायाद

| ख़बरें अब तक
Handshake

लखनऊ न्यूज 30 ब्यूरो– बिहार में महागठबंधन की महा जीत ने जहां लालू और नितिश को बिहार की सत्ता सौप दी, वहीं 2017 में यूपी में होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन के सिरे एक दूसरे को तलाशने में जुटे है। छोटे दलों में मुस्लिम वोटों पर पकड़ रखने वाली पीस पार्टी ने बसपा सुप्रीमो मायावती से गठबंधन का हाथ बढ़ाया है । पीस पार्टी के प्रमुख मोहम्मद अयूब ने उत्तर प्रदेश में में होने वाले चुनाव में बीएसपी का साथ देने की पेशकश की है । हांलाकि पिछले दिनों बीएसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने उत्तर प्रदेश में किसी से भी गठबंधन ना करते हुए अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था । वही पीस पार्टी के इस प्रस्ताव के बाद कुछ भी कहने से इनकार किया है । लेकिन गौरतलब है कि बिहार में गठबंधन का जो समीकरण था वह शायद यूपी में फिलहाल नहीं दिख रह है। लेकिन सभी पार्टियां बिहार में गठबंधन की जीत पर सोचने के लिए मजबूर है अगर उन्हे अपनी जीत पक्की करनी है तो गठबंधन का सहारा लेना पड़ेगा। इसी कारण जैसे ही बिहार का परिणाम आया सपा सरकार के मुखिया मुलायम सिह यादव ने भी आने वाले चुनाव में गठबंधन का संकेत दे दिया । लेकिन बाद में सपा को लगा कि अभी चुनाव दूर है ऐसे में अपने पत्ते छुपा कर रखने की जरुरत है। ये ही सोच कर सभी पार्टिया सपा,बसपा,काग्रेस,भाजपा सभी ने गठबंधन पर मौन है। लेकिन गठबंधन पर विचार भी चल रहा है। चूकि बड़ी पार्टियां चुप है इसमें नई पार्टियों के लिए मैदान खुला है। इसी को देखते हुए पीस पार्टी ने बसपा से गठबंधन का हाथ बढाया है।जिस पर फिलहाल बसपा नें अपने पहले बयान को ही मंजूरी देते हुए कहा है कि हम आने वाले 2017 विधानसभा चुनाव में अकेले ही लड़ेगें। लेकिन हम आप को बता दें  यूपी में गठबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उसमे छोटी पार्टियों को दरकिनार नहीं किया जा सकता। उसी की कवायद के रुप में पास पार्टी की पहल को हम देख सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please enter the Text *







'); var MainContentW = 1070; var LeftBannerW = 120; var RightBannerW = 160; var LeftAdjust = 10; var RightAdjust = 10; var TopAdjust = 80; ShowAdDiv(); window.onresize=ShowAdDiv; }