दिल्ली की सबसे बड़ी लूट का दस घंटे में खुलासा

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ओखला इंडस्ट्रियल एरिया इलाके से दिल्ली की सबसे बड़ी लूट का पुलिस ने 10 घंटे में खुलासा कर दिया। लूटे गए साढ़े 22 करोड़ रुपये बरामद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को रुपये लेकर फरार हुए कैश वैन के चालक प्रदीप शुक्ला को पुलिस ने शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे ओखला फेज-3 में एक गोदाम से दबोच लिया। कैश वैन वारदात के कुछ देर बाद ही गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से बरामद हो गई थी। पुलिस ने धारा 407 (अमानत में खयानत) के तहत मामला दर्ज किया है।
बृहस्पतिवार शाम 3:58 बजे पीसीआर कॉल मिली कि एसआइएस कंपनी का चालक साढ़े 22 करोड़ रुपये लेकर फरार है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विजय कुमार और प्रणव तायल के नेतृत्व में एसीपी कालकाजी जसबीर सिंह, एसीपी ऑपरेशन अशोक सरोहा, एसएचओ ओखला इंडस्ट्रियल एरिया इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी, एसएचओ अमर कॉलोनी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, एसएचओ सरिता विहार मनिंदर सिंह, स्पेशल स्टाफ साउथ-ईस्ट के इस्पेक्टर नरेश कुमार, एएटीएस के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार आदि की टीम बनाई गई। टीम ने कंपनी के अधिकारियों से प्रदीप के बारे में जानकारी जुटाई और उसके मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लिया।
पुलिस ने गाड़ी में लगे जीपीएस के आधार पर उन लोकेशन की जानकारी जुटाई जहां-जहां गाड़ी गार्ड के उतरने के बाद गई थी। पुलिस ने जब कंपनी के अधिकारियों को उन जगहों के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने बताया कि गाड़ी अमूमन इन रूटों पर नहीं जाती है। गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन से गाड़ी क्राउन प्लाजा होटल के पास एसआइएस के पास आती है। जीपीएस से पता चला कि गाड़ी मोदी मिल से होते हुए ओखला फेज-3 स्थित गोदाम के पास करीब 15 मिनट रुकी थी। पुलिस को सूचना मिली कि ओखला फेज-3 में ही कैश वैन में बैठा चालक मोबाइल पर किसी से झगड़ते दिखा है। वह कह रहा था कि उसे अपना सामान कुछ घंटे के लिए उसके घर में रखना है। पुलिस ने ओखला फेज-3 के उस इलाके में स्थित ऑफिसों व गोदामों की तलाशी शुरू की, जिस लोकेशन पर गाड़ी रुकी थी। शुक्रवार तड़के तीन बजे पुलिस ने ओखला फेज-3 में नाले के सामने गोदाम में छापा मारा तो आरोपी मिल गया। पुलिस को रुपयों से भरे नौ बॉक्स भी मिले। उसका पैसे लेकर दिल्ली से बाहर जाने का इरादा था। उसने 11 हजार रुपये चिकन व शराब पर खर्च किए, कपड़े लेने की सोच रहा था। प्रदीप मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के भवनोली तहसील के लहसानी गांव का रहने वाला है। उसकी पत्नी का मायका उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के इटोरा गांव में है।
-10 सितंबर को ज्वाइन की थी कंपनी
प्रदीप ने 10 सितंबर को ही एसआइएस कंपनी ज्वाइन की थी। उसकी ड्यूटी एक्सिस बैंक की विकासपुरी ब्रांच से कैश लेकर ओखला स्थित एसआइएस के ऑफिस तक लाने की थी। कभी-कभी उसे एटीएम में पैसे डालने वाली टीम के साथ भी भेजा जाता था। वह काफी दिनों से रुपये लूटने की बात सोच रहा था। बृहस्पतिवार को मौका मिलते ही उसने वारदात को अंजाम दिया। वह लूट की रकम किसी के साथ बांटना नहीं चाहता था, इसलिए लालच में आकर अकेले ही वारदात को अंजाम दिया। उसने बताया कि उसके काम के घंटे अधिक होते थे, लेकिन उस हिसाब से अच्छा वेतन नहीं मिलता था। इस कारण वह गुस्से और मानसिक तनाव में रहता था। तभी उसके दिमाग में लूट की खुराफात आई।
-पार्किंग विवाद में था शिकायतकर्ता
प्रदीप ग्रेटर कैलाश में पार्किग विवाद में शिकायतकर्ता रह चुका है। वह कोटला मुबारकपुर गांव में रहता था। पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि वह किराए का मकान छोड़ चुका है। ओखला थाने पहुंची प्रदीप की पत्नी शशिकला शुक्ला ने बताया कि वह तीन-चार दिनों तक घर नहीं आता था। पैसे के लिए परेशान रहता था।

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