लखनऊ में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

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लखनऊ न्यूज 30 ब्यूरो– स्वास्थय विभाग में नौकरी के नाम पर एक जालसाज ने बेरोजगारों से लाखों रुपये ठग लिए। वर्षों बाद पीडि़तों को नौकरी नहीं मिली तो वह दिये हुए रुपयों की मांग करने लगे। इस पर जालसाज रुपये देने में आनकानी करने लगा। पीडि़त ने आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने जालसाज को गिरफ्तार कर लिया।
सीओ हजरतगंज अशोक वर्मा ने बताया कि सुलतानपुर के करौंदीकला, कादीपुर निवासी गिरीश उपाध्याय ने तहरीर देकर यूनुस खान के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि वर्ष 2012 में यूनुस की मुलाकात हुई थी। यूनुस पिछली सरकार में कई मंत्रियों और विधायकों का करीबी बताता था। गिरीश ने बताया कि दोस्ती होने के कुछ दिन बाद यूनुस ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। झांसे में आने पर गिरीश की भाभी सीमा उपाध्याय, बुआ के लड़के अमित पाठक और दीदी के दामाद अजय मिश्रा से करीब चार लाख 50 हजार रुपये ले लिए। वर्षों बाद स्वास्थ्य विभाग में इनकी नौकरी नहीं लगी तो बेरोजगारों को ठगी का एहसास हुआ। इस पर उन्हेांने यूनुस से रुपयों की मांग की लेकिन वह रुपये देने में आनाकानी करने लगा। इस पर गिरीश ने हजरतगंज कोतवाली में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच के बाद साइबर सेल की टीम ने आरोपी यूनुस निवासी इन्दिारानगर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूल रूप से गोण्डा के मनकापुर का रहने वाला है।पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यूनुस खान कई लोगों से लाखों रुपयें नौकरी के नाम पर ठगे हैं। जिनमें जमाल अहमद से 70 हजार, अमेठी निवासी ओमप्रकाश से 70 हजार और फतेहपुर निवासी रामबाबू से डेढ़ लाख रुपये नौकरी के नाम पर लिए थे। इनके द्वारा भी जालसाज से रुपये मांगे गए थे लेकिन आरोपी डरा धमका देता था।

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