लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर गंदगी का अंबार

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लखनऊ न्यूज 30 ब्यूरो- भारतीय रेल वैसे तो दुनिया में सबसे ज़्यादा नौकरियां देने वाला सबसे बड़ा विभाग बन चुका है लेकिन कभी-कभी कुछ विसंगतियों की वजह से रेलवे की शान में दाग भी लग जाता है। एक तरफ अखिलेश सरकार ‘बनता लखनऊ-संवरता लखनऊ’ की थीम पर मेट्रो के ट्रैक पर नवाबों के शहर को चलाना चाहते हैं तो दूसरी तरफ केंद्र की सरकार भी भारत को स्वच्छ बनाए रखने के लिए आज से ‘स्वच्छ भारत कर’ लागू कर रही है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दोनों ही भारतीय रेलवे के महत्त्व को शायद भूल चुके हैं। चारबाग़ स्थित लखनऊ के रेलवे स्टेशन पर गन्दगी फ़ैलाने के लिए 250 /- जुरमाना का प्रावधान है लेकिन इसे शायद मानता कोई नहीं। लखनऊ स्टेशन पर गन्दगी का अम्बार स्वच्छ-भारत के सपने को मुंह चिढ़ा रहा है। पहले प्लेटफॉर्म पर केले और चिप्स के पैकेट्स दिखना तो आम बात होती थी लेकिन कूड़े-करकट और गन्दगी का अम्बार इस आम बात को व्यापक रूप दे रहा है। कहानी सिर्फ यहीं ख़त्म नहीं होती क्योंकि प्लेटफॉर्म न0 4 और प्लेटफॉर्म न0 5 पर मेंटेनेंस के नाम हो रही खुदाई बची-खुची कसर को पूरी कर रही है। हालाँकि इस बारे में स्टेशन अधीक्षक से पूछने पर तो उन्होंने सिर्फ इतना बताया की प्लेटफॉर्म पर पुनर्निर्माण चल रहा है। लेकिन समयावधि के बारे में पूछने पर उन्होंने  कुछ भी बताने से इनकार करते हुये डी0आर0एम ऑफिस में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का पता दे दिया।

लखनऊ रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले लोगों की भीड़ और लगभग हर वर्ग के लोगों का आना-जाना लगा रहता है शायद इसलिए यहाँ पर फिर भी गनीमत है लेकिन छोटे स्टेशनों की स्थिति इससे भी ज़्यादा ख़राब है। सीतापुर लाइन पर स्थित डालीगंज स्टेशन पर तो गन्दगी इस क़दर काबिज़ है कि लोग उसी के ऊपर से होते हुये ग़ुज़रने को मजबूर हैं। डालीगंज स्टेशन के ओवर-ब्रिज से रोज़-ब-रोज़ आते-जाते लोगों को तो अब शायद आदत सी हो गयी है।

ग़ौरतलब है की रेलवे के लखनऊ डिवीज़न में लखनऊ समेत 9 स्टेशन आते हैं। इन स्टेशनों के अन्तर्गत क़रीब 210 छोटे स्टेशन आते हैं। इन सबकी कार्यप्रणालियों की ज़िम्मेदारी डी0आर0एम की होती है। मगर सिर्फ लखनऊ की बात करें तो शासन से लेकर प्रशासन तक कोई भी साफ़ सफाई के मामले में अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाता नहीं दिखता। हालांकि, अधिकारीयों के साथ-साथ आम लोगों का भी ये नैतिक कर्त्तव्य है की वो स्टेशन जहाँ भी बैठें-खड़े हों, कम से कम गन्दगी न फैलाएं।

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