4.5 करोड़ नौकरियां पैदा करता है रियल एस्टेट

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नई दिल्‍ली। रियल एस्टेट प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा करता है। कृषि क्षेत्र के बाद रियल एस्टेट दूसरा सबसे बड़ा हायरिंग सेक्टर है। अच्छी बात यह है कि आने वाले सालों में भी यहां बड़ी संख्या में ह्यूमन रिसोर्स की मांग होगी। एनएसडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 तक भारतीय बिल्डिंग, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सेक्टर 7.65 करोड़ नई नौकरियां उत्पन्न करेगा। इस रिपोर्ट के अनुसार अगले 7 सालों में इस सेक्टर में सबसे ज्यादा श्रमशक्ति की जरूरत होगी।

भारतीय रियल एस्टेट मार्केट 2020 तक 180 बिलियन यूएस डॉलर का होगा और आने वाले दिनों में यह इंडस्ट्री 30 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। आरआईसीएस के अनुमान के मुताबिक 2030 तक भारतीय शहरी आबादी 600 मिलियन होगी। इसी दौरान देश में 68 शहर होंगे जिनकी आबादी 10 लाख से ज्यादा होगी। इन शहरों में निर्माण के लिए क्वालिफाइड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। निश्चिततौर पर सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्चर या प्लानिंग डिग्री होल्डर्स को तो कंपनियां नियुक्त कर ही रही हैं, साथ ही अब इस इंडस्ट्री को ऎसे स्पेशलिस्ट की भी जरूरत जिनके पास कंस्ट्रक्शन के साथ-साथ बिजनेस, फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट की नॉलेज हो।

इसी के चलते इन्वेस्टमेंट बैंकिंग एंड मैनेजमेंट से लेकर रिसर्च, वैल्यूएशन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, क्वांटीटी सर्वेइंग, कॉर्पोरेट रियल एस्टेट, फैसिलिटीज मैनेजमेंट, सेल्स एंड मार्केटिंग तक यह इंडस्ट्री बड़ी संख्या में जॉब ऑफर कर रही है। कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट क्वांटिटी सर्वेइंग में कंपनियां बीबीए, एमबीए उम्मीदवारों को हायर कर रही हैं। साथ ही रेजिडेंशियल रियल एस्टेट ब्रोकर, कॉमर्शियल रियल एस्टेट ब्रोकर, रियल एस्टेट अप्रेजर, प्रॉपर्टी मैनेजर, इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट्स, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एक्सपर्ट, बैंकर्स, मार्केटिंग मैनेजर्स, विजुअल मर्केन्डाइजर्स और सप्लाई चेन डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए भी अवसर बढ़ रहे हैं।

 

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